CIN Full Form | CIN Full Form in Hindi

नमस्कार दोस्तों ! ऑनलाइन जॉब अलर्ट की फुल फॉर्म और मीनिंग इन हिंदी केटगरी में आपका स्वागत है. आज की पोस्ट में भी हम आपको एक और शब्द शानदार जानकारी देने जा रहे हैं. अगर आप भी एक करोबार या बिजनेस से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी रखते है तो शायद आपने कभी न कभी CIN के बारे में सुना ही होगा। और जिन लोगों ने आज पहली बार सुना है उनके लिये आज हम अपने इस आर्टिकल में CIN से जुड़ी जानकारी देने वाले है । आज हम आपको बतायंगे की CIN नंबर क्या होता है, CIN Full Form, CIN नंबर में क्या क्या जानकारी होती है, CIN नंबर कैसे मिलता है आदि.

CIN फूल फॉर्म क्या है | Full Form of CIN

दोस्तों सबसे पहले आपको बता दें कि CIN नंबर की फुल फॉर्म होती है “CORPORATE IDENTITY NUMBER“. और हिंदी में CIN का मतलब होता है “कोर्पोरेट पहचान संख्या“.

CIN नंबर क्या है

ये कॉर्पोराटे आइडेंटिफिकेशन नंबर या कोर्पोरटे आइडेंटिटी नंबर है जो अल्फा न्यूमेरिक संख्या में आता है।
ये CIN नंबर जो भी प्राइवेट लिमिटेड कंपनीयो जैसे-
• भारत सरकार के स्वामित्व वाली कम्पनियां
• राज्य सरकार की कम्पनियां
• नॉट फ़ॉर प्रॉफिट
• एक व्यक्ति की मालिकाना वाली कम्पनियां
आदि को प्रदान किया जाता है।
CIN हर कंपनी को एक अलग पहचान नंबर दिया जाता है।
ताकि कंपनी की पहचान दुसरी कंपनी के पहचान से अलग रहें ।
और इसी पहचान नंबर को हम CIN कहतें हैं ।
जिसे MCA (कोर्पोरटे मंत्रालय) के तहत विभिन्न राज्यों के RoC (कम्पनियों के रजिस्ट्रार) द्वारा कम्पनियों को दिया जाता है।

CIN का उपयोग | Uses of CIN

CIN नंबर का उपयोग किसी भी उद्यम के सभी गतिविधियों को ट्रेक करने के लिये किया जाता है।
इस संख्या में-
आपकों एक संगठन की पहचान और RoC के तहत रजिस्टर्ड कंपनी के बारे में सारी जानकारी शामिल रहती हैं।

1 नवंबर 2000 से ये विशेष औपचारिकता दी गई थी की हर एक कंपनी को CIN मंजूर किया जाएगा।
जो 21 अंकों के अल्फा- न्यूमेरिक युनिक रहता है।
अल्फा- न्यूमेरिक -इसमें अल्फाबेट्स भी और नंबर भी आते है।

कंपनी का CIN

आप CIN से कैसे कंपनी के बारे में बहुत सारी जानकारी निकाल सकते है।
अगर आपको कंपनी के बारे में कूछ नही दिया हुआ है केवल CIN नंबर दिया है तो आप इस से भी बहुत सारी जानकारी निकाल सकते है।

CIN नंबर में कई महत्वपूर्ण जानकारी होती हैं जैसे-

• इनकोर्पोरेशन का वर्ष (उदाहरण-1995)
• राज्य कोड (उदाहरण- MH-महाराष्ट्र)
• कंपनी के प्रकार-(उदाहरण- PLC-पब्लिक लिमिटेड कंपनी)
• लिस्टिंग स्टेटस (उदाहरण-L-लिस्तेद)

CIN नंबर

CIN नंबर 6 भागो में विभाजित किया गया है
उदाहरण-
L 22210 MH 1995 PLC 084780

L या U
L बताता है कंपनी का स्टॉक एक्सचेंज में LISTING STATUS है।
U-UNLISTED नही हैं ।

22210-INDUSTRY CODE

हर एक इंडस्ट्री के अलग कोड है. किसी भी उद्योग में व्यापार करने वाली कंपनी को RoC द्वारा एक कोड दिया जाता है।

MH- STATE CODE

यह पर हर राज्य का कोड लिखा रहता हैं इससे ये पता चलता हैं की ये उस राज्य में रजिस्टर्ड हैं ।

1995- YEAR OF CORPORATION

किसी भी कंपनी का ईयर ऑफ़ इनकोर्पोरेशन उसके CIN से ही पता चल जाता हैं ।

PLC-OWNERSHIP INFORMATION

स्वामित्व से जुड़ी जानकारी और किस टाइप की कंपनी है उसके बारे में भी संकेत देता हैं ।

084781- REGISTERATION NUMBER OF THE COMPANY

कंपनी का क्या रजिस्टरेशन नंबर है।

ये सिर्फ एक ही कंपनी को एक ही मिलेगा ये एक नंबर दो कंपनी का एक नही हो सकता।

CIN नंबर कैसे प्राप्त करे

अगर आप भी CIN नंबर प्राप्त करना चाहतें हैं तो आपकों MCA के ऑफीशियल वेबसाइट पर जाकर CIN नंबर प्राप्त कर सकते हैं ।
बस आपकों एक आवेदन फॉर्म भरना होता है और मांगे गए सारे जरूरी आवश्यक दस्तावेजों को जमा करना होता है।
और MCA के द्वारा समीक्षा और अप्रूवल के बाद CIN नंबर प्राप्त करने के लिए आपकों भुगतान जमा करना होगा।

CIN नंबर में परिवर्तन करने वाले कारण

वो कौन से कारक हो सकते है जो CIN नंबर में परिवर्तन हो सकते हैं ।
• अगर कंपनी का उद्योग बदलता है।
• अगर भारत के रजिस्टर्ड कार्यालय के स्थान या स्थिति में कोई परिवर्तन है।
• अगर कंपनी का सेक्टर बदलता हैं ।
• यदि किसी कंपनी के लिस्टिंग स्टेटस में कोई बदलाव है।

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