DVT क्या है | DVT  Full Form

नमस्कार दोस्तों ! ऑनलाइन जॉब अलर्ट के फुल फॉर्म पोर्टल में आपका स्वागत है | आज की पोस्ट में हम आपको स्वास्थ्य से जुदे एक रोग DVT के बारे में बतायंगे | हमारे शरीर में कई बार ऐसे लक्षण दिखते जिन्हें हम नजर अंदाज़ कर देते हैं | और बाद में वह गंभीर बिमारी के रूप में सामने आते हैं | ऐसा ही एक रोग है DVT | जिसपर आज हम यहाँ चर्चा करने वाले हैं  | आज की पोस्ट में हम आपको बतायंगे कि DVT क्या है | DVT Full Form | DVT Meaning | DVT के लक्षण | DVT के कारण  | DVT किन्हें होता है, आदि |

DVT Full Form

DVT Full Form | DVT Meaning

इस रोग की जानकारी देने से पहले हम आपको बता देते हैं कि DVT का मतलब या फुल फॉर्म होता है “Deep Vein Thrombosis” (डीप वेन थ्राम्बोसिस) | और इसे हिंदी में DVT का मतलब होता है  “गहरी नस घनास्रता” .

  DVT क्या होता है | What is DVT

ये एक ऐसी स्थिति है जिसमे शरीर के किसी एक नस मे खून का थक्का बन जाता है  | ज्यादातर ये व्यक्ति के निचले पैर या जांघ मे दिखाये दिये गये है । परंतु ये कभी- कभी शरीर के अन्य भाग मे भी देखने को मिलते है ।

DVT के लक्षण  |

इनमें कुछ लक्षण ऐसे है जो आपको देखने को मिल सकते है जेसे –

  • त्वचा पर चकते पड़ना ।
  • पाव, टखना ओर पैरो मे सूजन होना जो आपको मुखियता एक तरफ दिखेगा।
  • और आपके उसी पैर में ऐंठन के साथ दर्द होगा जो आपके पिंडलियों से शुरू होगा ।
  • प्रभवित क्षेत्र का पीला ,लाल या नीला पड़ जाना ।

ऊपरी अंगो के DVT के लक्षण कुछ ऐसे दिखाए देंगे जैसे-

  • बाँहें या हाथ का सूजन ।
  • बाँह से कलाई तक दर्द होना ।
  • गर्दन या कंधे में दर्द का होना ।
  • हाथों के मांशपेशियों की कमजोरी का होना ।

ज्यादातर केस में य़े देखा गया हैं की इसकी इतनी जल्दी  पहचान नही हो पाती हैं जब तक कोई भी व्यक्ति पुल्मनेरी एम्बोलिज़म के ईलाज के लिए आपातकालीन सेवा में ना जाऐं ।

इसका अर्थ यहां हैं की रक्त का थक्का (Blood Clotting) पैर से होते हुऐ व्यक्ति के फेफड़ों में जाकर कोई भी धमनी में रूकावट पैदा कर रहा हैं, इसमें कुछ संकेत देखने कों मिल सकते हैं जैसे-

  • चक्कर का आना
  • ख़ासी आना
  • लंबी- लंबी सांस का लेना या सांस दर बढ़ जाना ।
  • हृदय की गति का बढ़ जाना ।

DVT कारण क्या हैं?

सामान्यता इसके कुछ कारण हैं जैसे-

  • नस की दीवारों पर किसी प्रकार का चोट का लगना ।
  • कुछ खास तरह की दवाईयों का सेवन करने से भी खून का थक्का बनने की संभावना रहती हैं ।
  • या फिर कोई पोस्ट सर्जरी हुई हो जिसमें नाड़ी कों चोट पहुँची हो वहा थक्का बन गया हो ।

DVT के खतरे किन लोगों में ज्यादा दिखते हैं ?

  • वजन का बढ़ना ।
  • अत्यधिक धूम्रपान करने वाले लोग ।
  • हृदय घातक
  • पेट दर्द का रोग
  • हड्डी का टूटना ।

DVT का इलाज

DVT का जितना जल्दी परीक्षण और इलाज होगा उतनी जल्कदी हम इसको रोक पायंगे | इसका इलाज कई प्रकार से किया जाता है |

दवाएं – इसमें खून को पतला करने वाली दवाएं पीड़ित मरीजों को दी जाती हैं

दबाव वाले मोजे  –  इन्हें पहनने से सूजन की रोकथाम की जाती है, और ये खून के थक्के जमने से रोकथाम करने में भी मदद करते  हैं।

सर्जरी – इसके दो विकल्प होते हैं। जिसमें पहला प्रभावित नस तक पहुंचकर और उस थक्के को हटा देना होता है | दूसरे विकल्प में थ्रोम्बोलाइटिक दवाएं या क्लोट बस्टर दवाएं दी जाती हैं जो थक्के को पिघला देती है।

DVT की जांच | DVT Test

इसकी जांच भी कई तरीकों से की जाती है | इसमें डॉक्टर आपके कई तरह के टेस्ट करवाने को कहते हैं | जैसे –

  • डी-डिमर टेस्ट- इस टेस्ट में खून के थक्कों के टुकड़ों का पता लगाता है, जो टूटकर और ढीले होकर रक्तधारा में नीचे आ जाते हैं।
  • अल्ट्रासाउंड स्कैन –  इसमें यह पता लगाया जाता है कि खून वाहिकाओं में कितनी तीव्रता से बह रहा है |
  • विनोग्राम – जब डी-डिमर टेस्ट और अल्टासाउंड टेस्ट के द्वारा डीवीटी की पुष्टी नहीं हो पाती तो विनोग्राम टेस्ट किया जाता है

निष्कर्ष :

दोस्तों आज की पोस्ट में हमने आपको स्वास्थ्य से सम्बंधित एक और महत्वपूर्ण गंभीर बीमारी DVT के सम्बन्ध में उपयोगी जानकारी दी है  | आज की पोस्ट में हमने जाना कि DVT क्या है | DVT Full Form | DVT Meaning | DVT के लक्षण | DVT के कारण  | DVT किन्हें होता है, आदि |

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