DPT क्या होता है | DPT Full Form | DPT Vaccine | DPT Vaccine Vide Effects

नमस्कार दोस्तों ! आज की पोस्ट में हम आपको एक और टीके के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं | वैसे तो आपने टीकाकरण के बारे में तो सुना ही होगा । उनमे से ही एक टीका हैं DPT का, जो सबके लिए बहुत जरूरी होता हैं  । आपने इसके बारे में जरुर  सुना तों होगा पर इसके बारे में पता नही होगा की य़े टीका क्यों जरूरी हैं और क्यों जरूरी हैं शरीर के लिए । तो आज हमने सोचा कि क्यों ना आपको इसकी उपयोगी जानकारी दी जाए | आज की पोस्ट में हम आपको बतायंगे कि DPT क्या होता है (DPT Meaning) | DPT Full Form in Medical  (DPT  ka full form) | DPT Vaccine से होने वाली बीमारी | DPT के लक्षण, DPT के दुष्प्रभाव | Diphtheria in Hindi |  आदि |

DPT Full Form

DPT Full Form | DPT ka full form

दोस्तों DPT एक शोर्ट फॉर्म है जो अंग्रेजी के तीन शब्दों से मिलकर बनी है | इसमें तीनो अक्षरों के मतलब अलग होते हैं, जो इस प्रकार है :

  • D- Diphtheria
  • P-pertussis
  • T- Tetanus

इस प्रकार DPT का फुल फॉर्म होता है “Diphtheria Pertussis Tetanus” | और DPT का हिंदी में मतलब होता है “डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस” |

DPT क्या हैं?

DPT एक टीका हैं, जो मानव शरीर में इंजेक्शन के द्वारा आड्मिनिस्ट्रर किया जाता हैं ताकि हमें होने बलि गंभीर परेशानियों को खत्म किया जा सके । इसमें तीन बीमारियों के टीके को शामिल किया गया है | जिसकी जानकारी अब हम आपको बताते हैं | डी.पी.टी मनुष्यों में तीन संक्रामक रोगों के खिलाफ दिए गए संयोजन टीकों का एक वर्ग है

Diphtheria in Hindi

रोहिणी या डिप्थीरिया (Diphtheria) उग्र संक्रामक रोग है | जिसमें सांस लेने में दिक्क़त ,दिल में विफलता(heart failure), और लकवा हो सकता हैं |

Pertussis in Hindi | Symptoms

इसको व्हूपिंग कफ़ (whooping cough), कूकर कास या कूकर खांसी या काली खांसी भी केहते हैं । इसमें व्यक्ति को कोरी ख़ासी होती हैं बार- बार वो भी बिना बलगम के ।य़े इतना बढ़ जाता हैं की व्यक्ति को खाना खाने, पानी पीने में, सांस लेने में दिक्क़त होती हैं और इससे निमोनिया, फिट्स,ब्रैन नष्ट या डेथ हो सकता हैं ।

Tetanus in Hindi

धनुस्तंभ  या  टिटेनस एक संक्रामक रोग है इसमें मांशपेशियों में अकड़न ,खिंचाव और जौ लॉक jaw lock हो जाता हैं इससे आप अपना मुँह नही खोल पाते हो और खाना निगलने में भी दिक्क़त होती हैं ।

य़े तीन बीमारियो से बचने के लिए एक इंजेक्शन हैं ।

DPT का टीका क्यों और कब लगाया जाता हैं?

DPT का टीका बच्चों को इसलिए दिया जाता हैं ताकि वो 3 खतरनाक बीमारी से बच्चे रहे ? जैसे- डीपथिरिया,
काली खांसी, टेटनस ।

इसका टीकाकरण कब किया जाता हैं?

• पेहला खुराक 6 सप्ताह (डेढ़ माह) की उम्र में ।
• दूसरी खुराक 10 सप्ताह (ढाई माह) की उम्र में ।
• तीसरी खुराक 14 सप्ताह की उम्र में ।
• पेहला बूस्टर की खुराक 15 से 18 महीने के उम्र में ।
• दूसरा बूस्टर की खुराक 5 साल की उम्र में दी जाती हैं ।

DPT के दुष्प्रभाव क्या क्या हैं?

अक्सर आपने देखा होगा की टीका लगाने के बाद बच्चों में कुछ दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं पर इससे आपको डरने की जरूरत नही हैं क्यूंकि इसका मतलब हैं की य़े टीका लगने के बाद य़े टीका आपके बच्चे पे अपना असर दिखा रहा हैं ।
जैसे आपको कुछ दुष्प्रभाव दिखायीं देंगे-

• सूजन
• दर्द
• चलने में परेशानी
• बच्चे का बहुत रोना ।
• चिड़चिड़ापन होना ।
आदि दिखायी देते हैं ।

निष्कर्ष

दोस्तों आज की पोस्ट में हमने आपको एक गंभीर बीमारी से सम्बंधित एक और महत्वपूर्ण जानकारी शेयर की है | आज की पोस्ट में हमने आपको बताया है कि DPT क्या होता है (DPT Meaning) | DPT Full Form in Medical  (DPT  ka full form) | DPT से होने वाली बीमारी | DPT के लक्षण, DPT के दुष्प्रभाव | Diphtheria in Hindiआदि |  अगर आप इसके प्रति जागरूक नहीं हुए तो आपको इसका गंबीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है |

अगर आपको हमारी पोस्ट पसंद आई होतो इसे अपने मित्रों के साथ जरुर शेयर करें. अगर आपके मन में इस पोस्ट को लेकर कोई सवाल है तो हमें जरुर लिखें|
हम अपने ब्लॉग ऑनलाइन जॉब अलर्ट के फ्री फॉर्मेट पोर्टल में हमेशा कुछ न कुछ उपयोगी जानकारी पोस्ट करते रहते हैं. इसीलिए आप हमारे ब्लॉग को जरुर सब्सक्राइब करें और हमारी मोबाइल एप को डाउनलोड करें.
जय हिन्द जय भारत

सम्बंधित पोस्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *