TT Ka Matlab Kya Hota Hai | TT Full Form in Medical in Hindi

नमस्कार दोस्तों ! आज की पोस्ट में हम आपको एक ऐसी बिमारी की वेक्सीन या टीके के बारे में बता रहे हैं जिसके बारे में लोगों ने सुना तो है लेकिन उसके लिए गंभीर नहीं है | आपने गौर किया होगा कि जब कभी आपको चोट लगी होगी और आपके पेरेंट्स आपको हॉस्पिटल में एक इंजेक्शन लगवाने गए होंग़े । तब आप य़े सोचते होंग़े की एक मामूली सी चोट के लिए इंजेक्शन क्यू लगवाया | आज की पोस्औट में हम जानेंगे कि TT क्या होता है | TT Ka Matlab Kya Hota Hai | TT Full Form in Medical  | TT से होने वाली बीमारी | TT के लक्षण, आदि  |  य़े क्यू जरूरी हैं तो चलिए बताते हैं आपको इस इंजेक्शन के बारे में ।
 
TT Full Form

TT फुल फॉर्म | TT Full Form in Medical in Hindi | TT Operation Full Form in Medical

दोस्तों TT शब्द में दोनों TT अक्षरों के मतलब अलग अलग होते हैं | जो इस प्रकार है –
 
  • T- Tetanus
  • T-Toxoid
इस प्रकार TT Full Form (TT Operation Full Form in Medical) होती है “Tetanus Toxoid” | और TT का हिंदी में मतलब होता है “धनुस्तंभ जीव विषाभ“।
 

य़े टेटनस टॉकसायड (TT) क्या होता हैं | TT in Hindi | TT Ka Kya Matlab Hai

 
य़े एक टीका या वेक्सीन हैं जो हमें टेटनस के विरोध जाकर हमें बचाता  या सुरक्षा प्रदान करता हैं ।

TT से होने वाली बीमारी | T T Se Hone Wali Bimari

अगर कभी आपको लोहे से शरीर में कभी कट या घाव गया हो और आपने य़े TT का इंजेक्शन नही लगया हैं तो आपको इस घाव या कट में जीवाणु घुस कर आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं और आपके तंत्रिका तंत्र को प्रभवित कर सकते हैं ।

TT के लक्षण | Symptoms of Tetanus Hindi

• लॉक जौ (Lock Jaw)
• आवेग
• मांसपेशियों में अकड़न
• और खाना खाते वक्त निगलने में तकलीफ़ होना ।
 

TT का कोसेटिव ओरगनिसम या कारक 

 
TT का कारक हैं टेटनस बैक्टीरिया क्लोस्ट्रीडियम टेटानी।
इसी जीवाणु की वजह से हमें य़े बीमारी हो सकती हैं ।

TT का इतिहास | History of TT

1924 में टेटनस टॉकसायड को तैयार किया गया था ।और इसका प्रयोग शुरूवात में युद्ध में लड़ रहे सैनिकों के लिए किया गया था । इस वेक्सीन को WHO द्वारा सबसे महत्वपूर्ण वेक्सीनो में किया जाता हैं ।जो हमारे स्वास्थ प्रणाली में बहुत कारगार साबित हुआ हैं ।
 

TT कितने प्रकार के होते हैं | Types of TT

 
TT दो प्रकार के होते हैं
 
• सक्रिय
• निष्क्रिय
 

TT का असर कब तक रेहता हैं | Effect of TT

इस टीके का असर 6 महीने तक रेहता हैं | जैसे आपको एक बार चोट लगी तो आप उस दिन से इसका टीका लगाओगे  तो उसका असर 6 महीने तक रहेगा और इन 6 महीनों के बीच अगर आपको किसी भी तरीके से चोट लगती हैं तो आपको यहा टीका दुबारा लगाने की जरूरत नही हैं ।
 
फिर अगर आपको 6 महीने के बाद आपको चोट लगी तो तब आप डॉक्टर से पूछ कर  लगवा सकते हो ।
 

TT का टीका कितना प्रभावशाली हैं | TT Injection 

 
TT का टीका बहुत प्रभावशाली हैं जो हमारे अंदर घाव में पनप  रहे जीवाणु को मार देता हैं और हमें कोई भी बीमारी से बचाता हैं ।
 

निष्कर्ष

दोस्तों आज की पोस्ट में हमने आपको एक गंभीर बीमारी से सम्बंधित एक और महत्वपूर्ण जानकारी शेयर की है | आज की पोस्ट में हमने आपको बताया है कि TT क्या होता है | TT Full Form in Medical  (tt ka full form) |  TT से होने वाली बीमारी | TT के लक्षण, आदि |  अगर आप इसके प्रति जागरूक नहीं हुए तो आपको इसका गंबीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है |

 
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