Full Form of URL | URL Full Form

नमस्कार दोस्तों ! ऑनलाइन जॉब अलर्ट के फुल फॉर्म पोर्टल में आपका स्वागत है | आज की पोस्ट “Full Form of URL | URL Full Form ” में हम आपको इन्टरनेट की दुनियां के सबसे पोपुलर शोर्ट फॉर्म शब्द url के बारे में बता रहे हैं |  | URL के बारे में जरुर सुना होगा | लेकिन बहुत सारे लोगों ने इसका नाम तो सुना है लेकिन URL के सम्बन्ध में बहुत अधिक डिटेल्स में नहीं जानते | और जो लोग एक दम नए हैं उन्हें तो इसकी जानकारी बिलकुल नहीं होगी | इसीलिए हमने सोचा आज आपको इसकी जानकारी डिटेल्स में बताई जाए | आज की पोस्ट में हम आपको बतायंगे कि URL क्या है | URL Full Form | URL का इस्तेमाल क्या है | URL का इतिहास।  URL के क्या कार्य है |

URL Full Form

तो चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं आखिर URL होता क्या है |

URL का पूरा नाम क्या है | Full Form of URL | URL Full Form

दोस्तों URL का पूरा नाम (Full Name of URL) या फुल फॉर्म होता है  “Uniform Resource Locator” (यूनीफॉर्म रिसोर्सस लोकेटर) | और हिंदी में url का मतलब (meaning of url) होता है “सम स्रोत निर्धारक” | जो लोग इन्टरनेट का उपयोग करते हैं उन्होंने वेबसाइट तो जरुर खोली होगी | इस वेबसाइट के लिंक को url भी कहा जाता है | यह एक फॉरमेटेड टेक्स्ट स्ट्रिंग है, इसे हम वेब ब्राउज़र के साथ ई-मेल क्लाइंट्स या फिर किसी और सॉफ्टवेर में प्रयोग में लाते है।

URL का इस्तेमाल क्या है | Uses of URL

URL के जरिए हम किसी भी नेटवर्क रिसोर्स का पता लगा सकते है। नेटवर्क रिसोर्स में किसी भी तरह की फाइल्स हो सकती है। जैसे वेब पेजस , टेक्स्ट डॉक्युमेंट्स, प्रौग्रमेस, ग्राफिक्स हो सकती है।

अब आपको यह जानने में भी उत्सुकता हो रही होगी की URL किस प्रकार का होता है या कैसा दिखता है । और इसके कितने भाग होते हैं तो आईए आपको बताते है।

URL के मुख्य भाग है-

  1. प्रोटोकॉल डेसिग्नेशन
  2. होस्ट नेम या एड्रेस
  3. फाइल या रिसोर्सस लोकेशन

यह सभी स्ट्रिंग है। इन्हे अलग करना होतो इसके लिए स्पेशल केरेक्टर्स का इस्तेमाल करना होता है। 

इसका फॉर्मेट इस तरह है-

protocol :// host / location

अब एक उदाहरण के लिए हम अपनी एक वेबसाइट द्वारा url को समझने की कोशिश करते हैं | जैसे हमारी वेबसाइट का url है :

Home

अब हमारी इस वेबसाइट के url को समझते हैं |

  1. HTTPS :- यह हमारी वेबसाइट का पहला भाग है | HTTP का मतलब होता है hypertext transfer protocol | इसकी मदद से इटरनेट पर डाटा Transfer होता है |
  2. Domain Name : यह किसी भी वेबसाइट का दूसरा भाग होता है | और यही हमारी वेबसाइट का पता (address) होता है|
  3. WWW : यह एक सर्विस है जिसे वर्ड World Wide Web कहते हैं |
  4. newsonenation :  यह हमारे न्यूज़ पोर्टल संस्था का नाम है |
  5. .com :  यह डोमेन का एक्सटेंशन होता है, इससे पता चलता है की की वेबसाइट किस प्रकार की है |

URL का इतिहास | History of URL

URL के इतिहास के बारे में भी जानना जरूरी है की URL को कौन लाया और लाने का क्या मकसद था? चलिए आपको बताते है-
दुनिया में सबसे पेहले URL(uniform resource locator) को Tim Berners-Lee  लाए थे। Tim Berners-lee ही ऐसे थे | जिन्होने दुनिये के सामने URL को लेकर आए। और इन्होने यह बताया की URL हर तरह के वेब पेजस को यूनीक लोकेशन एड्रेस देता है। और इसके कारण आप आसानी से ऑनलाइन खोजने में सक्षम हो जाते हो। URL को वर्ल्ड वाईड वेब में खास सरंचना में लिखा जाता है जिसे URL सीनटेक्स भी केहते है।

URL के क्या कार्य है | Work of URL

URL को ऐसे सेट किया गया है की इसे रीकॉल करना बहुत आसान हो जाता है। जब हमारा ब्राउज़र किसी वेबसाइट्स को सर्च करता है तब उस दौरान IP का इस्तेमाल होता है। IP को इंटेरनेट प्रोटोकॉल (internet protocol) कहते है। इसमे IP नंबर्स का ही तो सीरीस रहता है।

ये इस तरह दिखता है- 89.234.213.67

अगर हम किसी वेबसाइट्स को उसके IP एड्रेस से याद करने लग जाए तो कितना मुश्किल हो जाएगा याद करना। जितने वेबसाइट्स होते है उनके असल में स्टेटिक URL नही होते। क्युकी इनमे बदलाव होते रहेते है और इन सब तक पहुँच पाना मुशकिल हो जाता है।

तभी URL का इस्तेमाल किया जाता है। URL का बेनेफिट यह की ये ह्नेष एक जैसा रहता है। और इससे याद करना आसान होता है।

URL Shortening क्या है | URL  Shortener Kya Hai

आजकल शोर्ट या छोटे का ज़माना है | हर चीज छोटी होती जा रही है | इसमें URL भी नहीं बाख पाया है | कई बार हमने देखा है कि किसी वेबसाइट का url बहुत बड़ा  होता है | उस url के लिंक को शेयर करना  आसान नहीं होता है | इसलिए बहुत सी कम्पनियों ने url को शोर्ट या छोटा करने के लिए बहुत से टूल बना दिए हैं | इन टूल की सहायता से हम बड़े से बड़े url को शोर्ट कर सकते हैं | इसे ही URL Shortening कहते  है और इन टूल्स को url shortener कहा जाता है |

निष्कर्ष :

दोस्तों आज की पोस्ट में हमने आपको इन्टरनेट से सम्बंधित एक शब्द की उपयोगी जानकारी दी है | आज की पोस्ट में हमने जाना कि URL क्या है | URL Full Form | URL का इस्तेमाल क्या है | URL का इतिहास।  URL के क्या कार्य है | अगर आप कंप्यूटर चलाना नहीं जानते तो जल्द जल्द इसे सीख लें | क्योंकि यह आपके जीवन में बहुत काम आयगा |

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