COC क्या होता है | COC Full Form

नमस्कार दोस्तों ! ऑनलाइन जॉब अलर्ट के फुल फॉर्म और हिंदी अनुवाद केटेगरी में आपका स्वागत है | आज हम आपके लिये एक और उपयोगी शब्द ‘COC’ की जानकारी लेकर आये हैं | आज की पोस्ट पढने के बाद आप जान पायंगे कि COC क्या होता है | COC Full Form क्या ओटी है | COC Meaning क्या होता है | COC में क्या होता है | COC के साइड इफ़ेक्ट क्या है, आदि |

COC Full Form

COC Full Form

दोस्तों सबसे पहले आपको बता दें कि COC का मतलब या फुल फॉर्म होता है “Combined Oral Contraceptives” (कंबाइंड ओरल कंट्रासेप्टीव्स) | और हिंदी में COC का अर्थ होता है  “संयुक्त मौखिक गर्भनिरोधक” | जों आजकल बहुत ज्यादा उपयोग में चल रही है ।

गर्भनिरोधक गोलिया क्या होती है | Oral Contraceptive Pills

आजकल पूरे देश में कई महिलाएँ अपने अनचाहे गर्भ को रोकने के लिये इसका सेवन करती है ।
और ना सिर्फ ये गोलिया गर्भ को रोकने के लिये दी जाती है बल्कि आजकल कुछ बीमारी जैसे सिस्ट, रक्तस्राव का ज्यादा होना, पीसीऑडी ओवरी जैसी बीमारियों के लिये भी डॉक्टर्स अपने मरीज को लेने की सलाह देते है ।

गर्भनिरोधक गोलियों में क्या मौजूद होता है?

इन गोलियों में प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजेन हार्मोन की जगह पर प्रोजेस्ट्रोन नामक सिंथेटिक हॉर्मोन का उपयोग किया जाता है जिसका काम गर्भ को रोकने या होने में सहायक माना जाता है ।

गर्भनिरोधक लेने के कुछ दुष्परिणाम?

ज्यादा गर्भनिरोधक गोलिया लेने से हमारे अंदर के प्रकृति हॉर्मोन डिस्टर्ब हो जाते है इनकी वजह से नियमित माहवारी आने में दिक्कत होने लगती है ।जैसे सही समय में माहवारी का ना आना या फिर कभी जल्दी आना और ज्यादा रक्तस्राव का होना ।
कुछ महिलाओं को इसके लेने के दौरान उल्टी, चक्कर आना, सिर घूमना आदि हो सकते है ।इसके साथ ही मूड स्विंग, भूख न लगना, वजन बढ़ना आदि जैसे दिक्कत हो सकती है ।

गर्भनिरोधक गोलियों से हो सकती है नजर कमजोर?

बहुत लंबे समय से जों महिलाएँ इन गोलियों का सेवन कर रही है उनको आंखो से संबंधित बीमारियां हो सकती है जैसे आंखे ड्राई होना, आंखो की रोशनी का कम होना, आंखो का लाल होना ।

डिप्रेशन का भी शिकार हो सकते है?

इन गोलियों के सेवन से भी पता चला है की कई महिलाएँ डिप्रेशन का शिकार हो चुकी है इन गोलियों में
प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजेन हार्मोन के वजह से महिलाओं के मूड में बहुत बड़ा बदलाव आता है ।अगर मूड में बदलाव काफी लंबे समय तक रहता है तो ये डिप्रेशन में तब्दील हो जाता है

चाहे कोई भी महिलाएँ इन गोलियों का सेवन किसी भी वजह से कर रही हो अगर इसके कुछ फायदे है तो कुछ नुकसान भी है जिसे हमें इन गोलियों का सेवन सोच समझ कर करना चाहिऐ ताकि जिससे हमारे शरीर में ये गोलियाँ का दुष्परिणाम ज्यादा ना पड़े । और हमारे अंदर प्राकृतिक ढंग से हमारे हॉर्मोन अपना काम कर सके । ताकि हमको बाहर से मिलने वाली कोई भी दवाइयों का सेवन ना करना पड़े ।

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