ओपन बोर्ड क्या होता है ? ओपन यूनिवर्सिटी की पूरी जानकारी

अगर हम अपना और अंपने देश का विकास करना चाहते हैं तो हमें पढना और लिखना होगा. ज्ञान प्राप्त करना होगा, बिना शिक्षा और ज्ञान के कोई भी इंसान विकास नहीं कर सकता. लेकिन कई बार हमारी पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है. हम अपने परिवार, नौकरी या अन्य किसी परिस्थिति के कारण पढना-लिखना छोड़ देते हैं. जिससे अधित ज्ञान पाने का हमारा सपना टूट जाता है. अधिक उम्र हो जाने के कारण हम किसी स्कुल या कोलेज में जाने से शरमाते हैं. लेकिन जब से पढ़ाई करने का नया चलन आरम्भ हुआ है तब से हम सबके पढ़ाई और ज्ञान प्राप्त करने के सपनों को नए पंख लग गए हैं. आज कि पोस्ट में हम शिक्षा के नए रूप के बारे में जानेंगे कि ओपन स्कुल क्या होते हैं, ओपन यूनिवर्सिटी क्या होती है,

ओपन बोर्ड क्या होता

इसके अतिरिक्त हम विभिन्न प्रकार के संस्थाओं, राज्यों के ओपन स्कूलों और कोलेजों के बारे में भी जानेंगे जो शिक्षा के नए स्वरुप कि सुविधा प्रदान करते हैं. जैसे –

1. उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी,
2. नेशनल ओपन स्कूल
3. इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल ओपन यूनिवर्सिटी
4. दिल्ली ओपन यूनिवर्सिटी
5. व् अन्य राज्यों के ओपन स्कूल

यह भी पढ़ें – 

क्या होता है ओपन बोर्ड और ओपन विद्यालय

शिक्षा का दूर – दूर तक प्रचार और प्रसार करने के लिए एक ऐसे माध्यम कि जरूरत पढ़ी जिसमें पढने वालों को किसी स्कुल या स्थान पर जाने कि आवश्यकता ना पढ़े. कोई भी छात्र – छात्रा अपने घर बैठे ही पढ़ाई कर सके. या अपने व्यवसाय या जॉब के साथ साथ भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके. इसी जरुरत को पूरा करने के लिए मुक्त विद्यालय या मुक्त विश्वविद्यालयों कि शुरुवात कि गई. जिन्हें हम ओपन बोर्ड, ओपन स्कूल या ओपन यूनिवर्सिटी कहते हैं. ओपन बोर्ड को दूरस्थ शिक्षा (Distance Education ) भी कहा जाता है.

ओपन बोर्ड और ओपन विद्यालय में पढ़ाई कैसे करते हैं ?

ओपन स्कुल या ओपन यूनिवर्सिटी ऐसी संस्थाएं होती होती हैं जहाँ कोई भी व्यक्ति प्रवेश ले सकता है, किसी भी उम्र का व्यक्ति पढ़ सकता है, उस व्यक्ति को किसी स्कुल या कोलेज में जाने कि भी जरुरत नहीं होती. वह व्यक्ति अपने घर या किसी भी इन्टरनेट कैफ़े में जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकता है और किसी भी उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर पढ़ाई कर सकता है. उसे केवल परीक्षा के समय ही परीक्षा देने अपने आस पास के केंद्र में आना होता है.

ओपन बोर्ड में कौनसी किताबें पढनी होती हैं –

जब अप किसी भी ओपन बोर्ड का फॉर्म ऑनलाइन भरते हैं तो उस समय आपसे शुल्क लिया जाता है. इस शुल्क में प्रवेश शुल्क के साथ साथ किताबों का शुल्क भी ले लिया जाता है. फॉर्म भरने के कुछ समय बाद आपको या तो किताबें पोस्ट द्वारा भेज दी जाती हैं या आपको अपने अध्ययन केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं.

ओपन बोर्ड का अध्यन केंद और परीक्षा केंद्र –

जब आप किसी ओपन बोर्ड का फॉर्म भरकर प्रवेश लेते हैं तो फॉर्म भरते समय आपसे अध्ययन केंद्र और परीक्षा केंद्र लिखने को कहा जाता है. वैसे तो आपको किसी स्कुल या कोलेज में जाने कि जरुरत नहीं होती लेकिन छात्र-छात्राओं कि समस्याओं और आशंकाओं को सुलझाने या परीक्षा फॉर्म जमा करने या अन्य किसी समस्या का समाधान करने के लिए अध्यन केंद्र खले जाते है. यह केंद्र अधिकतर सप्ताह में एक दिन रविवार को खुलते हैं.

रीजनल सेंटर

ओपन स्कूलों का एक मुख्यालय होता है. जहाँ बार बार जाना आपके लिए संभव नहीं होता. इसीलिए हर राज्य के लिए एक मुख्य केन्द्र खोला जाता है, जिसे रीजनल सेंटर कहा जाता है, ऐसे ही रीजनल सेण्टर में बार बार जाना आसान नहीं होता, इसीलिए राज्यों के बड़े शहरों में स्थित कुछ स्कूलों या महा विद्यालयों में ओपन बोर्ड के अध्ययन केंद्र खोले जाते हैं. जहाँ पर जाकर आप अपनी समस्या का समधान कर सकते हैं .

परीक्षा केन्द्र

परीक्षा केन्द्रों कि बात करें तो आप नाम से ही समझ सकते हैं कि जहाँ आपकी परीक्षा होती है उन्हें ही परीक्षा केंद्र कहा जाता है. ओपन बोर्ड में भी परीक्षा का केंद्र अलग होता है. जब आप परीक्षा का फॉर्म भरते हैं तो आपसे इसके बारे में पुछा जाता है. और जिस शहर और स्थान का आप चयन करते हैं वही पर आपकी परीक्षा करवाई जाती है.

ओपन बोर्ड में परीक्षाएं कब होती हैं ?

ओपन बोर्ड का सबसे बड़ा फायदा इनकी परीक्षाओं का होता है, क्योंकि अधिकतर ओपन बोर्ड कि परिक्षाए साल में दो बार होती हैं. और कई ओपन बोर्ड में ON DEMAND परीक्षाएं होती हैं. ओं डिमांड परीक्षाओं में आप किसी भी महीने में अपनी सुविधा अनुसार एक या कई विषयों कि परीक्षाएं दे सकते हैं. और अगर आप ओपन बोर्ड कि किसी भी परीक्षा में किसी एक विषय में य सभी विषयों में फैल हो जाते हो तो आप अगली परीक्षा मे बैठ सकते हो. और अपना पाठ्यक्रम पास कर सकते हो. लेकिन आपको हर बार परीक्षा में बैठने के लिए परीक्षा फीस देनी होती है. देश में नेशनल ओपन स्कूल, इग्नू और अन्य राज्यों के ओपन स्कुलों का टाइम टेबल अलग अलग होता है जो वह समय समय पर अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करवाते हैं.

ओपन बोर्ड या ओपन यूनिवर्सिटी में कौनसे कोर्स और विषय होते हैं ?

ओपन बोर्ड का दायरा इतना बढ़ चूका है कि इसमें अधिकतर सभी कोर्सेज को शामिल किया जा चूका है. आपको जूनियर क्लास, हायरसेकण्ड्री क्लास, उच्च शिक्षा, प्रोफेशनल कोर्सेज के अतिरिक्त ऐसे नए कोर्स और विषय भी मिल जायंगे जो किसी स्कूल या महा विद्यालयों में भी नहीं मिलते. इसके साथ आप दुनियां के दूसरे देशों से भी संचालित कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं.

ओपन बोर्ड के टॉप कोर्सेज –

हमारे देश में ओपन बोर्ड को बढ़ावा नेशनल ओपन स्कूल और इंदिरा गाँधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी IGNOU के माध्यम से मिला. नेशनल ओपन स्कूल में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में सबसे ज्यादा एडमिशन होते हैं. क्योंकि जो विद्यार्थी हाई स्कूल या इंटरमीडिएट में किसी बोर्ड में फ़ैल हो जाते हैं या किसी कारणवश बोर्ड परीक्षाएं नहीं दे पाते वह अपना साल बचाने के लिए ओपन बोर्ड का सहारा लेते हैं .
ऐसे ही जो विद्यार्थी स्नातक या पोस्ट ग्रेजुएट में फ़ैल हो जाते हैं, या रेगुलर एडमिशन नहीं ले पाते वह इंदिरा गाँधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी IGNOU में सबसे ज्यादा एडमिशन लेकर अपनी पढाई पूरी करते हैं .

प्रोफेशनल कोर्सेज –

ओपन स्कूल कि डिमांड दिनों दिन बढती जा रही है, क्योंकि इसमें पढ़ाई करने के बहुत फायदे हैं. इसीलिए हमारे देश में बहुत से नए कोर्सेज जैसे DELED, MBA, BBA, BSW, MSW, BCA, MCA जैसे प्रोफेशल कोर्स भी पेन बोर्ड से करवाए जा रहे हैं. इससे गाँव गाँव में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है.

ओपन बोर्ड के फायदे

ओपन बोर्ड ऐसे लोगों के लिए एक वरदान साबित हुआ है जो लोप्ग किसी स्कूल और कोलेजों में पढ़ाई नहीं कर पाते या जिनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई है. या जो लोग काम करते करते अपनी स्किल बढाने के लिए प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं. ओपन बोर्ड या दूरस्थ शिक्षा का सबसे बढ़ा फायदा इनकी कम फीस भी है. क्योंकि हमारे देश में बेरोज़गारी और गरीबी बहुत अधिक है इसीलिए स्कूल और कोलेजों में सभी लोग अधिक फ़ीस नहीं दे सकते . उनके लिए ओपन स्कूल में पढ़ाई करना फायदेमंद होता है. क्योंकि एक तो फीस कम होती है दूसरा उन्हें अपना घर बैठे पढ़ाई करनी होती है जिससे स्कुल आने जाने का खर्च भी बच जाता है .

इसके अतिरिक्त ओपन बोर्ड में कौर्स और विषयों का भी अपर भण्डार है. आप जिस विषय या कोर्स से पढ़ाई करना चाहते हैं आप कर सकते हैं.

इसके साथ ही आपको ओपन बोर्ड में परीक्षा देने के लिए अगले वर्ष का इंतज़ार भी नहीं करना होता. आप जब चाहे परीक्षा दे सकते हैं. सबसे बड़ी बात इसमें आपको फ़ैल होने पर अगली परीक्षा मने बैठने का मौका मिलता है. जिससे आपका साल बर्बाद नहीं होता .

इन्टरनेट और तकनीक के आने से ओपन बोर्ड से पढ़ाई करना और भी अधिक सुविधाजनक हो गया है., पहले केवल किताबों के माध्यम से ही ओपन बोर्ड के विद्यार्थी पढ़ाई करते थे . लेकिन स्मार्टफोन और इन्टरनेट के बढ़ते चलन से आज सभी लोग ब्लॉग और वीडियो टुटोरिअल के माध्यम से भी पढ़ाई कर सकते हैं .

यह भी पढ़ें –

सम्बंधित पोस्ट